गोंदिया तालुका के बिरसी एयरपोर्ट परिसर में अमृत वर्ग प्रशिक्षणार्थी वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रभक्ति गीत, आनंद मेळावा तथा विभिन्न मैदानी खेलों का आयोजन किया गया, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और टीम भावना का विकास हुआ।
गोंदिया तालुका के बिरसी एयरपोर्ट परिसर में अमृत वर्ग प्रशिक्षणार्थी वर्ग उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण अमृत (Academy of Maharashtra Research Upliftment and Training) के अंतर्गत आयोजित किया गया। अमृत वर्ग, अमृत का एक महत्वपूर्ण उपक्रम है, जिसका उद्देश्य समाज के युवाओं एवं विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास करना, उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सकारात्मक व्यक्तित्व का निर्माण करना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रभावी संवाद कौशल, नेतृत्व विकास, समय प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास, अनुशासन एवं टीम भावना पर मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही भारत माता एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत करने वाले देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। प्रशिक्षण में आनंद मेळावा का भी आयोजन किया गया, जिससे सभी प्रशिक्षणार्थियों में आपसी संवाद, सहयोग एवं उत्साह का वातावरण निर्मित हुआ।
प्रतिभागियों के शारीरिक विकास एवं टीम भावना को प्रोत्साहित करने के लिए राम–रावण, आकाश–धरती–पाताल जैसे अनेक रोचक मैदानी खेल भी खिलाए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों में नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की योग्यता, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सामूहिक कार्य करने की भावना को मजबूत किया गया।
सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत प्रेरणादायी एवं उपयोगी बताते हुए भविष्य में अमृत वर्ग के माध्यम से अधिकाधिक विद्यार्थियों तक पहुँचकर उनके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षणार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से तैयार हुए प्रशिक्षक विद्यालयों एवं समाज में अमृत वर्ग की गतिविधियों का प्रभावी संचालन करेंगे तथा राष्ट्रहित एवं समाजहित की भावना से प्रेरित नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
अमृत संस्थेविषयी : महाराष्ट्र संशोधन, उन्नती व प्रशिक्षण प्रबोधिनी अर्थात अमृत ही राज्य शासनाची स्वायत्त संस्था असून, खुल्या प्रवर्गातील ज्या जातींना कुठल्याही शासकीय संस्था किंवा महामंडळाचा लाभ मिळत नाही अशा जातींमधील आर्थिकदृष्ट्या दुर्बल घटक हा अमृत संस्थेचा लक्ष्यित गट आहे. त्यामध्ये ब्राह्मण, कायस्थ, कोमटी/वैश्य, मारवाडी, पटेल, राजपूत, यलमार, अय्यंगार, राजपुरोहित, पाटीदार, नायर, नायडू, कम्मा, कानबी, सिंधी, बनिया, बंगाली, त्यागी, सेनगुनथर, गुजराथी, जाट, लोहाना, हिंदू नेपाळी व भूमिहार अशा जातींचा सद्यस्थितीत समावेश आहे. अशा जातींमधील वार्षिक उत्पन्न आठ लाख रुपयांपेक्षा कमी असलेल्या व्यक्ती अमृत संस्थेच्या विविध योजनांचा लाभ घेऊ शकतात. राज्याच्या सर्व ३६ जिल्ह्यांमध्ये अमृत संस्थेची कार्यालये असून, अधिक माहितीसाठी अमृत संस्थेच्या आपापल्या जिल्ह्यातील कार्यालयाशी संपर्क साधावा. तसेच, अमृत संस्थेचे संकेतस्थळ आणि सोशल मीडिया हँडल्स पाहावीत.
संकेतस्थळ :https://mahaamrut.org.in/
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