महाराष्ट्र संशोधन उन्नति व प्रशिक्षण प्रबोधिनी 'अमृत' का प्रकल्प 'अमृत वर्ग' के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, संस्कार, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
'अमृत वर्ग' से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, संस्कार और नेतृत्व का हो रहा विकास नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संस्कार और नेतृत्व क्षमता का विकास करने के उद्देश्य से अमृत द्वारा विद्यालयों में 'अमृत वर्ग' का सफल संचालन किया जा रहा है। इस विशेष पहल के अंतर्गत कक्षा 6वीं से 9वीं तक के विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए नियमित रूप से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
अमृत वर्ग में विद्यार्थियों को भारत माता के प्रति श्रद्धा एवं राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया जाता है। साथ ही देशभक्ति गीत, सूर्य नमस्कार, शारीरिक व्यायाम, संस्कारयुक्त श्लोक, मैदानी एवं बौद्धिक खेल, प्रेरणादायक कहानियाँ तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़े सत्र आयोजित किए जाते हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, स्वावलंबन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता तथा समस्याओं का समाधान करने की योग्यता विकसित की जाती है।
इस उपक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें जिम्मेदार, संस्कारित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक बनाना है। अमृत वर्ग के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपने दायित्वों का बोध कराया जाता है तथा भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
अमृत का यह अभिनव प्रयास विद्यालयों में राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। आने वाले समय में इस उपक्रम का विस्तार अधिक से अधिक विद्यालयों तक करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिकाधिक विद्यार्थी इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
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