महाराष्ट्र अनुसंधान, उन्नति एवं प्रशिक्षण प्रबोधिनी (अमृत) द्वारा शुरू किया गया "अमृत पेठ" ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) व्यापारी, व्यवसायी एवं उत्पादकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
अमृत पेठ – स्थानीय उत्पादों को मिलेगी असली पहचान महाराष्ट्र अनुसंधान, उन्नति एवं प्रशिक्षण प्रबोधिनी (अमृत) (महाराष्ट्र शासन की स्वायत्त संस्था) की एक अभिनव पहल "अमृत पेठ"। अब गोंदिया जिले के आमगांव, मोरगांव अर्जुनी तथा अन्य क्षेत्रों के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा पूरे महाराष्ट्र में अपनी पहचान बनाने का अवसर। सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) व्यापारी, व्यवसायी एवं उत्पादकों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। 🛒 अमृत पेठ ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से: अपने व्यवसाय एवं उत्पाद का पंजीकरण कराएँ। अपने स्थानीय उत्पादों को गोंदिया ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के ग्राहकों तक पहुँचाएँ। बिक्री बढ़ाएँ और अपने व्यवसाय का विस्तार करें। स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन एवं रोजगार सृजन में भागीदार बनें। आज ही अपने उत्पाद का पंजीकरण कराएँ और अपने व्यवसाय को नई पहचान दें। 📍 संपर्क करें – अमृत जिला कार्यालय, गोंदिया 📞 मो.: 91122287776
अमृत संस्थेविषयी : महाराष्ट्र संशोधन, उन्नती व प्रशिक्षण प्रबोधिनी अर्थात अमृत ही राज्य शासनाची स्वायत्त संस्था असून, खुल्या प्रवर्गातील ज्या जातींना कुठल्याही शासकीय संस्था किंवा महामंडळाचा लाभ मिळत नाही अशा जातींमधील आर्थिकदृष्ट्या दुर्बल घटक हा अमृत संस्थेचा लक्ष्यित गट आहे. त्यामध्ये ब्राह्मण, कायस्थ, कोमटी/वैश्य, मारवाडी, पटेल, राजपूत, यलमार, अय्यंगार, राजपुरोहित, पाटीदार, नायर, नायडू, कम्मा, कानबी, सिंधी, बनिया, बंगाली, त्यागी, सेनगुनथर, गुजराथी, ठाकूर, जाट, लोहाना, हिंदू नेपाळी व भूमिहार अशा जातींचा सद्यस्थितीत समावेश आहे. अशा जातींमधील वार्षिक उत्पन्न आठ लाख रुपयांपेक्षा कमी असलेल्या व्यक्ती अमृत संस्थेच्या विविध योजनांचा लाभ घेऊ शकतात. राज्याच्या सर्व ३६ जिल्ह्यांमध्ये अमृत संस्थेची कार्यालये असून, अधिक माहितीसाठी अमृत संस्थेच्या आपापल्या जिल्ह्यातील कार्यालयाशी संपर्क साधावा. तसेच, अमृत संस्थेचे संकेतस्थळ आणि सोशल मीडिया हँडल्स पाहावीत.
संकेतस्थळ :https://mahaamrut.org.in/
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