क्या यही जिंदगी है ?

आध्यात्म की शुरुआत तब होती है, जब मन स्वयं से प्रश्न पूछना शुरू करता है।

क्या यही जिंदगी है ? मुख्य फोटो
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क्या यही जिंदगी है? (जीवन को समझने की एक छोटी सी शुरुआत) सुबह उठो, काम पर जाओ, पैसा कमाओ, घर चलाओ, परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाओ और फिर अगले दिन वही सब दोहराओ। आज के समय में अधिकांश लोगों का जीवन इसी प्रकार चल रहा है। लेकिन कभी-कभी मन में एक प्रश्न उठता है – क्या यही जिंदगी है? क्या मैं केवल पैसा कमाने, खाने-पीने और जिम्मेदारियाँ निभाने के लिए जन्मा हूँ? यदि आज भरपेट भोजन कर भी लिया, तो कल फिर भूख लग जाएगी। यदि आज कोई इच्छा पूरी हो गई, तो कल एक नई इच्छा सामने आ जाएगी। फिर क्या जीवन केवल इच्छाओं और जरूरतों को पूरा करने का नाम है? ये प्रश्न नए नहीं हैं। हजारों वर्षों से मनुष्य इन्हीं प्रश्नों के उत्तर खोजता आया है। जब तक मनुष्य केवल बाहरी दुनिया में व्यस्त रहता है, तब तक उसे लगता है कि सुख धन, पद और सुविधाओं में है। लेकिन जब ये सब मिलने के बाद भी मन में खालीपन बना रहता है, तब वह अपने आप से पूछता है – "मैं वास्तव में कौन हूँ और मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है?" शायद जीवन केवल जीविका कमाने का नाम नहीं है। शायद जीवन स्वयं को जानने की भी एक यात्रा है। हम संसार में रहते हुए भी अपने भीतर के प्रश्नों को समझ सकते हैं। यही खोज जीवन को एक नई दिशा देती है। इस लेख श्रृंखला में हम ऐसे ही प्रश्नों पर सरल भाषा में विचार करेंगे और समझने का प्रयास करेंगे कि जीवन का वास्तविक अर्थ क्या हो सकता है। (क्रमशः.)

Publisher: Kartik Tiwari News publisher name | Date: 23-06-2026 News publication date | Time: 01:20 AM News publication time | Views: 84 Number of times this news has been viewed | District: Gondia Related district of the news
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ही बातमी शेअर करा

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