गोंदिया कि धरोहर : कामठा रजवाड़ा

कामठा किला (राजवाड़ा) गोंदिया जिले की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, जिसका निर्माण नागपुर के भोसले शासनकाल में सरदार पृथ्वीराज सिंह नागपुरे द्वारा कराया गया था। विशाल प्रवेश द्वार, हाथियों का अस्तबल, गहरी खाई और प्राकृतिक झील इसकी सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा भव्य स्थापत्य कला को दर्शाते हैं। कामठा राजपरिवार ने समाजसेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राजपरिवार के वंशज कुंवर तिलक सिंह द्वारा दान की गई भूमि पर आज गोंदिया का प्रसिद्ध के.टी.एस जिला अस्पताल संचालित हो रहा है। इतिहास, संस्कृति, समाजसेवा और जनकल्याण की दृष्टि से कामठा राजवाड़ा गोंदिया जिले की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है।

 गोंदिया कि धरोहर : कामठा  रजवाड़ा मुख्य फोटो
 गोंदिया कि धरोहर : कामठा  रजवाड़ा अतिरिक्त फोटो

कामठा किला (राजवाड़ा) महाराष्ट्र के गोंदिया जिले से लगभग २० किलोमीटर दूर स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है। यह राजवाड़ा नागपुर के रघूजी भोसले के शासनकाल में सरदार रहे पृथ्वीराज सिंह नागपुरे द्वारा निर्मित कराया गया था। वर्तमान में यह उनके वंशजों का निजी निवास है। राजवाड़ा भोसले शासनकाल की स्थापत्य कला, सैन्य व्यवस्था और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। किले का मुख्य प्रवेश द्वार अत्यंत विशाल एवं मजबूत है, जिस पर नुकीले लोहे के खंभे लगाए गए थे ताकि युद्ध के समय हाथियों द्वारा द्वार को तोड़ा न जा सके। मुख्य द्वार के दाहिनी ओर हाथियों के लिए विशेष अस्तबल बनाया गया था, जो तत्कालीन सैन्य शक्ति और राजसी वैभव का परिचायक है। किले की सुरक्षा के लिए इसके तीन ओर गहरी खाई (मोअट) बनाई गई थी, जबकि चौथी ओर प्राकृतिक झील सुरक्षा कवच का कार्य करती थी। यह व्यवस्था उस समय की उन्नत रक्षा प्रणाली को दर्शाती है। कामठा राजपरिवार का योगदान केवल इतिहास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय रहा है। राजपरिवार के वंशज कुंवर तिलक सिंह ने गोंदिया जिले के प्रथम एवं प्रमुख सरकारी अस्पताल हेतु भूमि दान की थी। आज वही अस्पताल के.टी.एस. जिला अस्पताल के नाम से प्रसिद्ध है और जिले के लाखों नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इस प्रकार कामठा राजवाड़ा केवल एक ऐतिहासिक स्मारक ही नहीं, बल्कि गोंदिया जिले की सामाजिक, सांस्कृतिक और जनकल्याणकारी विरासत का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है।

महाराष्ट्र शासन के सहयोग से संचालित अमृत पर्यटन उपक्रम के माध्यम से इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। अमृत पर्यटन का उद्देश्य गोंदिया जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को देशभर के पर्यटकों तक पहुँचाना तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

Publisher: Kartik Tiwari News publisher name | Date: 02-06-2026 News publication date | Time: 04:38 PM News publication time | Views: 92 Number of times this news has been viewed | District: Gondia Related district of the news
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