कलाजगत में चमका गोंदिया का नाम
ककोड़ी (गोंदिया) : महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के देवरी तहसील अंतर्गत ग्राम ककोड़ी निवासी युवा कलासाधक दीनू कचरूलाल घाटा ने कला के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उन्हें इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) द्वारा दृश्य कला (Visual Arts) विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की गई है।
दीनू घाटा ने लगभग 5 वर्षों के कठिन परिश्रम और गहन शोध के बाद अपना शोध प्रबंध सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उन्होंने यह शोध कार्य प्रोफेसर एस. पी. चौधरी के मार्गदर्शन में “Repousse Art: Technique and Visual Analysis of Telangana” विषय पर किया। इस शोध के माध्यम से उन्होंने तेलंगाना राज्य की पारंपरिक धातुशिल्प कला रिपुसे तकनीक के तकनीकी, सौंदर्यात्मक और दृश्य पक्षों का गहन अध्ययन कर उसे वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया है।
शैक्षणिक उपलब्धियाँ
दीनू घाटा का शैक्षणिक सफर प्रारंभ सेही उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने BFA (बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स) की पढ़ाई इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से पूर्ण की। इसके बाद MFA (मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स) की उपाधि उन्होंने देश के प्रतिष्ठित गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट, कोलकाता से प्राप्त की। साथ ही उन्होंने NET-JRF जैसी कठिन राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा भी उत्तीर्ण की है, जो उनकी विषयगत दक्षता और शोध क्षमता को दर्शाती है।
देश-विदेश में कला का प्रदर्शन
दीनू घाटा केवल एक शोधार्थीही नहीं, बल्कि एक सक्रिय कलाकार भी हैं। वे अब तक देश और विदेश के अनेक कला सिम्पोजियम, कार्यशालाओं और कला प्रदर्शनियों में सहभागिता कर चुके हैं। उनकी कलाकृतियों को कला जगत में विशेष सराहना मिली है।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर ग्राम ककोड़ी, देवरी तहसील एवं संपूर्ण गोंदिया जिले के कला प्रेमियों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयाँ देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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