गोंदिया तहसील कार्यालय में 13 अगस्त 2026 को अमृत शासन संवाद सेतू उपक्रम का आयोजन किया गया।
अमृत शासन संवाद सेतू के माध्यम से विद्यार्थियों को मिली शासकीय कार्यप्रणाली की प्रत्यक्ष जानकारी गोंदिया,
तहसील कार्यालय में आज अमृत संवाद सेतू उपक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस उपक्रम में श्री महावीर मारवाड़ी हाई स्कूल, गोंदिया के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शासकीय प्रशासन की कार्यप्रणाली, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों तथा नागरिकों को उपलब्ध विभिन्न शासकीय सेवाओं की प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में नायब तहसीलदार जयंत सोनवणे साहेब , श्री महावीर मारवाड़ी हाई स्कूल की शिक्षिका श्रीमती सुषमा नागपुरे तथा गोंदिया के जिला व्यवस्थापक अमृत कार्तिक तिवारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान नायब तहसीलदार जयंत सोनवाने सरने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सरल एवं सहज भाषा में बताया कि तहसील कार्यालय के विभिन्न विभाग किस प्रकार कार्य करते हैं तथा आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ किस प्रकार प्राप्त होता है।
तहसीलदार साहेबने विद्यार्थियों को राजस्व विभाग, प्रमाणपत्रों से संबंधित कार्य, शासकीय योजनाएं, निर्वाचन, आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद साधते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर उन्होंने बहुत ही सरल एवं प्रभावी तरीके से दिए, जिससे विद्यार्थियों को शासकीय व्यवस्था को समझने में आसानी हुई।
इस उपक्रम की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों को केवल जानकारी देने तक सीमित न रखते हुए उन्हें तहसील कार्यालय के विभिन्न विभागों का प्रत्यक्ष दौरा कराया गया। विद्यार्थियों ने संबंधित विभागों में जाकर वहां चल रहे कामकाज को नजदीक से देखा और अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्हें विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं, आवश्यक दस्तावेजों तथा नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती सुषमा नागपुरे मैडम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए पूरे कार्यक्रम का सुनियोजित पद्धति से नियोजन किया। विद्यार्थियों को समयानुसार व्यवस्थित रूप से तहसील कार्यालय में लाना, विभिन्न विभागों का दौरा करवाना तथा कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सुनियोजित नियोजन के कारण कार्यक्रम व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अमृत गोंदिया के जिला व्यवस्थापक कार्तिक तिवारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की सहभागिता एवं कार्यक्रम की प्रक्रिया का समन्वय किया तथा अमृत शासन संवाद सेतु के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को शासन और समाज के बीच संवाद स्थापित करने तथा शासकीय सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में ऐसे उपक्रमों के महत्व के बारे में बताया गया।
अमृत शासन संवाद सेतू का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शासन एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली से परिचित कराना, उन्हें अपने अधिकारों एवं उपलब्ध शासकीय सेवाओं के प्रति जागरूक करना तथा भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है। इस उपक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि शासकीय कार्यालय किस प्रकार नागरिकों की आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करते हैं।
विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में काफी उत्साह दिखाया। उन्होंने विभिन्न विभागों के कामकाज को ध्यानपूर्वक समझा और अधिकारियों से कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। प्रत्यक्ष रूप से शासकीय कार्यालय की कार्यप्रणाली देखने से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से अलग व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने के लिए सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेजों के महत्व के बारे में भी बताया गया। विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों तक सही शासकीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार श्री जयंत सोनवणे द्वारा विद्यार्थियों को अत्यंत अच्छे एवं प्रभावी तरीके से मार्गदर्शन प्रदान किया गया, वहीं श्रीमती सुषमा नागपुरे मैडम के सुनियोजित नियोजन और श्री कार्तिक तिवारी के समन्वय से कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
इस प्रकार गोंदिया तहसील कार्यालय में आयोजित अमृत शासन संवाद सेतु कार्यक्रम विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के साथ उत्साहपूर्वक एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं प्रशासन को करीब से समझने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।
अधिक माहितीसाठी संपर्क- ९११२२२८७७६
अमृत संस्थेविषयी : महाराष्ट्र संशोधन, उन्नती व प्रशिक्षण प्रबोधिनी अर्थात अमृत ही राज्य शासनाची स्वायत्त संस्था असून, खुल्या प्रवर्गातील ज्या जातींना कुठल्याही शासकीय संस्था किंवा महामंडळाचा लाभ मिळत नाही अशा जातींमधील आर्थिकदृष्ट्या दुर्बल घटक हा अमृत संस्थेचा लक्ष्यित गट आहे. त्यामध्ये ब्राह्मण, कायस्थ, कोमटी/वैश्य, मारवाडी, पटेल, राजपूत, यलमार, अय्यंगार, राजपुरोहित, पाटीदार, नायर, नायडू, कम्मा, कानबी, सिंधी, बनिया, बंगाली, त्यागी, सेनगुनथर, गुजराथी, जाट, लोहाना, हिंदू नेपाळी व भूमिहार अशा जातींचा सद्यस्थितीत समावेश आहे. अशा जातींमधील वार्षिक उत्पन्न आठ लाख रुपयांपेक्षा कमी असलेल्या व्यक्ती अमृत संस्थेच्या विविध योजनांचा लाभ घेऊ शकतात. राज्याच्या सर्व ३६ जिल्ह्यांमध्ये अमृत संस्थेची कार्यालये असून, अधिक माहितीसाठी अमृत संस्थेच्या आपापल्या जिल्ह्यातील कार्यालयाशी संपर्क साधावा. तसेच, अमृत संस्थेचे संकेतस्थळ आणि सोशल मीडिया हँडल्स पाहावीत.
संकेतस्थळ :https://mahaamrut.org.in/
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